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इस हीरो की फिल्म देखने के लिए पाकिस्तान के थिएटर्स में मच गई थी भगदड़

हिंदी सिनेमा के बेहतरीन कलाकार इमरान हाशमी को दुनिया सीरियल किसर के नाम से भी जानती है। जब बॉलीवुड में किसिंग सीन का ट्रेंड शुरू हुआ तो इमरान के नाम ऐसी कई फिल्में आईं जिनमें उन्होंने कई किसिंग सीन दिए। इमरान हाशमी का पूरा नाम सैयद इमरान अनवर हाशमी है। बॉलीवुड में इमरान ने कई शानदार फिल्में दी हैं। फिल्मों में इमरान के किरदार हमेशा सुर्खियों में रहते हैं यही वजह है कि इमरान हाशमी अपने अलग-अलग किरदारों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मी बैकग्राउंड से आना वाला एक ऐसा लड़का, जिसे उसकी पहली फिल्म से निकाल बाहर कर दिया गया था। हालांकि, इस घटना के लगभग छह साल बाद इस भारतीय अभिनेता की फिल्म देखने के लिए पाकिस्तान के सिनेमाघरों में भगदड़ मच गई थी।

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हिंदी सिनेमा के बेहतरीन कलाकार इमरान हाशमी को दुनिया सीरियल किसर के नाम से भी जानती है। जब बॉलीवुड में किसिंग सीन का ट्रेंड शुरू हुआ तो इमरान के नाम ऐसी कई फिल्में आईं जिनमें उन्होंने कई किसिंग सीन दिए। इमरान हाशमी की पहली फिल्म ‘फुटपाथ’ बहुत बड़ी हिट तो नहीं रही। मगर फिल्म ने अपनी लागत वसूल ली थी। इमरान के करियर की दूसरी फिल्म थी ‘मर्डर’। मल्लिका और इमरान के बीच फिल्माए गए किसिंग सीन्स इस फिल्म की हाइलाइट रहे। उसी फिल्म का गाना था- ‘भीगे होठ तेरे’। ‘मर्डर’ 2004 की सबसे बड़ी हिट मानी गई। इसी फिल्म के बाद इमरान को ‘सीरियल किसर’ कहा जाने लगा। इमरान ने आगे जो भी फिल्में की, वो कहीं न कहीं इसी टैग को चरितार्थ करने वाली रहीं। इस कड़ी में इमरान ने ‘ज़हर’, ‘आशिक़ बनाया आपने’, ‘अक्सर’ और ‘गैंगस्टर’ जैसी फिल्मों में काम किया। ये फिल्में बढ़िया बॉक्स ऑफिस रिटर्न दे रही थीं मगर एक एक्टर के तौर पर इमरान कुछ नया, कुछ अलग करना चाहते थे। 2007 में एक फिल्म रिलीज़ हुई, जिसका नाम था- ‘आवारापन’। ये एक ट्रैजिक लव स्टोरी थी। फिल्म के गाने ऐसे बवाल कि सुनकर सिंगल लड़कों के भी दिल टूट गए। मगर इसे परफॉरमेंस वाइज़ इमरान हाशमी के करियर की सबसे अच्छी फिल्मों में गिना गया। 2008 में आई ‘जन्नत’ ने इमरान को टॉप स्टार्स की लीग में लाकर खड़ा कर दिया। मैच फिक्सिंग पर बेस्ड इस फिल्म में इमरान ने एक बुकी का रोल किया था। इस फिल्म के प्रपोज़ल सीन का सेपरेट फैनबेस है। जब ये फिल्म पाकिस्तान में रिलीज़ हुई, तब लाहौर के एक सिनेमाघर में इसे देखने के लिए भगदड़ मच गई थी।

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अभिनेता के तौर पर पहचान बना चुके इमरान हाशमी कभी एक्टर बनना ही नहीं चाहते थे। वो एनीमेशन के फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते थे। इमरान भले ही बॉलीवुड में नहीं आना चाहते थे लेकिन बॉलीवुड से उनका करीबी रिश्ता था। महेश भट्ट उनके अंकल हैं और उन्हीं के कहने पर उन्होंने राज और कसूर जैसे फिल्मों के लिए असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इसी दौरान महेश भट्ट ने उन्हें एक्टिंग की सलाह दी। महेश भट्ट अपने एक इंटरव्यू में बताते हैं-

‘मैंने इमरान को सलाह दी थी कि करियर के इस स्टेज पर दाऊद इब्राहिम का रोल करना काफी खतरनाक हो सकता है। क्योंकि मैं इमरान को लेकर प्रोटेक्टिव था। मुझे लग रहा था कि इंडिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी का रोल करना इमरान के लिए सही नहीं रहेगा। मेरा ये मानना गलत था। मगर मैं इमरान के हिम्मत की दाद देता हूं कि उसने मुझे मना करके ‘वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई’ में वो रोल किया।”

बताया जाता है कि जब इमरान ने विशेष फिल्म्स के अलावा दूसरी प्रोडक्शन कंपनियों के साथ काम करना शुरू किया, तो ये चीज़ भट्ट भाइयों को खल गई। उन्होंने इमरान हाशमी के साथ काम करना बंद कर दिया। इस बारे में उनसे पूछा जाता, तो वो एक ही जवाब देते। कि भट्ट कैंप किसी स्टार के साथ काम नहीं करता। इमरान अब स्टार हैं, वो जो चाहें, जिसकी चाहें, उसकी फिल्म करें। ये बात सही है कि भट्ट कैंप ने साल 2000 के बाद किसी भी स्टार या सुपरस्टार के साथ काम नहीं किया। इसके पीछे की वजह थी स्टार्स की फीस, उनके नखरे और क्रिएटिव लेवल पर उनका हस्तक्षेप। हालांकि इमरान ने इस बारे में कभी अपना मुंह नहीं खोला। समय के साथ महेश और मुकेश भट्ट के साथ इमरान के संबंध ठीक हो गए।

इमरान हाशमी ने राज 3, मर्डर, कलयुग जैसी अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में अपना हाथ आजमा कर साबित किया है, कि वह किसी भी तरह का किरदार आसानी से कर सकते हैं। हिंदी सिनेमा में की गई मुट्ठीभर फिल्मों में ही उन्हें खूब सराहना मिल चुकी है। वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई, शंघाई जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय के दम पर उन्होंने तीन बार फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामांकन प्राप्त किया है।



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