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इंजीनियरिंग सेक्टर में हुई ग्रोथ, इंजीनियर्स की हायरिंग के लिए कंपनियों में लगी होड़

नई दिल्ली। कोरोना के चलते तेजी से हो रहे डिजीटलीकरण के कारण जनवरी से ही टेक प्रोफेशनल्स की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ गई है। इस समय आइटी कंपनियों में टैलेंट्स को हायर करने की जंग चल रही है। आइटी कंपनियां योग्य टैलेंट्स (इंजीनियर्स) को हायर करने के लिए चार गुना तक सैलरी ऑफर कर रही हैं। वहीं अपने टैलेंट्स को रिटेन करने के लिए 50 फीसदी से 60 फीसदी तक सैलरी हाइक के अलावा और भी कई तरह के इंसेंटिव ऑफ कर रही हैं।

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डिमांड पूरी करने के लिए हायरिंग
इंफोएज के सीइओ हितेश ओबेरॉय ने कहा कि लगभग हर इंजीनियर के पास अभी नौकरियों के तीन से चार ऑफर हैं। टेक जॉब्स में ड्रॉपआउट रेट 50 से 60 फीसदी तक पहुंच गया है, जो एक वर्ष पहले 7 से 15 फीसदी था यानि कैंडिडेट 60 प्रतिशत ऑफर्स को ठुकरा रहे हैं।

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इस वजह से बढ़ रही हैं टेक हायरिंग
कंपनियां डिजिटल व सॉफ्टवेयर की डिमांड को पूरा करने के लिए इंजीनियर्स को हायर कर रही हैं। वहीं स्टार्टअप्स तगड़ी फंडिंग के कारण आइटी प्रोफेशनल्स को हायर कर रहे हैं। देश की बड़ी आइटी कंपनियां इस साल एक लाख से अधिक फ्रेशर्स हायर करेंगी।

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टेक हायरिंग वर्ल्ड में इंजीनियर अभी राजा है। छह महीने पहले सॉफ्टवेयर डवलप करने वाले जिस इंजीनियर को सालाना 18 लाख रुपए का पैकेज मिल रहा था, उसे दूसरी कंपनी ने 23 लाख का ऑफर दिया है, उसी को तीसरी अमरीकी कंपनी 1.15 करोड़ दे रही हैं।



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