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कार निर्माता कंपनियां लोगों को दे रही हैं धोखा, लगा 65 अरब रुपए का जुर्माना

नई दिल्ली। आज दुनिया भर की सरकारें और कार्यकर्ता प्रदूषण कम करने के लिए अपनी जी-तोड़ कोशिशें कर रहे हैं परन्तु कुछ बड़ी कंपनियां ऐसा करने से बच रही हैं। हाल ही में हुए एक बड़े खुलासे में सामने आया कि वॉक्सवैगन (Volkswagen) और बीएमडब्ल्यू (BMW) जैसी बड़ी वाहन निर्माता कंपनियां द्वारा डीजल वाहनों के एमिशन में घोटाला किया है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तीन जर्मन कार निर्माता कंपनियां फॉक्सवैगन ने अपनी सहायक कंपनियों पोर्श और ऑडी ने यूरोपीय मार्केट में दूसरी ऑटोमोबाइल कंपनियों से प्रतिस्पर्धा से बचने के लिए यूरोपीय संघ द्वारा तय किए गए नियमों का उल्लंघन किया है। इस पर यूरोपीय कमिशन ने वॉक्सवैगन सहित बीएमडब्ल्यू पर 875 मिलियन यूरो (लगभग एक बिलियन डॉलर अथवा 65.18 अरब रुपए) का जुर्माना लगाया है। आयोग के अनुसार यह मामला वर्ष 2009 से वर्ष 2014 के बीच का है। उस समय ऑटोमोबाइल कंपनियों ने हाईटेक टेक्नोलॉजी पर चर्चा के लिए मीटिंग्स की थी।

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यूरोपीय यूनियन के नए आदेश से नाराज हैं कंपनियां
यूरोपीय संघ आयोग के शीर्ष अधिकारी, मार्गरेट वेस्टेगर ने एक बयान देते हुए कहा कि पांच ऑटोमोबाइल कंपनियां वॉक्सवैगन, ऑडी, पोर्श, बीएमडब्ल्य तथा डेमलर के पास यूरोपीय संघ द्वारा तय किए गए उत्सर्जन मानकों के तहत हानिकारक उत्सर्जन को कम करने की तकनीक थी परन्तु उन्होंने कानून का उल्लंघन करते हुए अपनी इस तकनीक का उपयोग नहीं किया।

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उल्लेखनीय है कि वॉक्सवैगन पहले भी इस मुद्दे पर विवादों में आ चुकी है। कंपनी ने उन लाखों डीजल इंजन कारों में उत्सर्जन परीक्षण में धोखा देने की बात स्वीकारते हुए सभी कार मालिकों को मुआवजा देने की बात कही जिन्होंने ये वाहन खरीदे थे।



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