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आरबीआई के बूस्टर डोज से हैल्थ सेक्टर में तेजी, 20 फार्मा कंपनियों के शेयरों में 2 से 10 फीसदी का इजाफा

नई दिल्ली। आरबीआई के बूस्टर डोज के कारण आज फार्मा कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स में रजिस्टर्ड 30 कंपनियों में से 20 कंपनियों के शेयरों में 2 फीसदी से लेकर 10 फीसदी तक की तेजी देखी जा रही है। सबसे ज्यादा तेजी हिकाल कंपनी के शेयरों में देखने को मिल रही है। ल्यूपिन, फाइजर और सनफार्मा कंपनियों के शेयर में तेजी का माहौल देखने को मिल रहा है। आज फार्मा सेक्टर तेजी के साथ खुला था। उम्मीद की जा रही है कि आज फार्मा सेक्टर अपने 52 हफ्तों की उंचाई के एक दिन पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर कर दें।

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फार्मा सेक्टर में तेजी
आज फार्मा सेक्टर में तेजी का माहौल देखने को मिल रहा है। मौजूदा समय में फार्मा सेक्टर 384.23 अंकों की तेजी का साथ 23709.74 अंकों पर कारोबार कर रहा है। जबकि आज फार्मा सेक्टर 23417.95 अंकों पर खुला था। 23861.40 अंकों के साथ दिन के उच्च स्तर पर भी पहुंचा। जबकि एक दिन पहले फार्मा सेक्टर में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला था। कारोबारी सत्र के दौरान मंगलवार को 23870.67 अंकों के साथ 52हफ्तों की उंचाई पर पहुंच गया था। जबकि बंद 23325.51 अंकों पर हुआ था।

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इन शेयरों में देखने को मिल रही है तेजी
अगर बात रजिस्टर्ड कंपनियों के शेयरों की बात करें तो 30 में से 20 कंपनियों के शेयरों में तेजी का माहौल देखने को मिल रहा है। हिकाल में 10 फीसदी का अपर सर्किट लग गया है। जबकि ल्यूपिन के शेयरों में भी 9.16 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। सनफार्मा, फाइजर और टोरंट फार्मा के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है। कैडिला के शेयरों में 4.50 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी और ग्लैंड फार्मा से लेकर अपोलो तक में 5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल रही है।

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आरबीआई ने हेल्थ को दिया है 50 हजार करोड़
आरबीआई ने कोविड संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों तथा अन्य इकाइयों और कोविड के इलाज के लिए आम लोगों को सस्ता ऋण मुहैया कराने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की है जो रेपो दर पर उपलब्ध होगा। आरबीआई के अध्यक्ष शक्तिकांता दास ने बताया कि बैंक टीका बनाने वाली कंपनियों, दवा बनाने वाली कंपनियों, कोविड के इलाज के लिए जरूरी उपकरणों, ऑक्सीजन और वेंटीलेटर बनाने वाली कंपनियों, इनके आयाताकों, अस्पतालों, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं को रेपो दर पर ऋण दे सकेंगे। इनसे जुड़ी लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के लिए भी यह ऋण उपलब्ध होगा। इसके अलावा आम लोगों को कोविड के इलाज के लिए भी इसी श्रेणी में ऋण मिलेगा। यह ऋण 'प्राथमिकता' श्रेणी में दिया जाएगा और ऋण चुकता होने या इसकी अवधि समाप्त होने तक इसी श्रेणी में बना रहेगा। बैंक 31 मार्च 2022 तक यह ऋण दे सकेंगे। इसकी अधिकतम अवधि तीन साल होगी।



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